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Wednesday, 17 August 2016


नैनीताल में

लगभग 3 बजे हम नैनीताल पहुँच गए । अब सबसे पहले हमारा काम था होटल ढूंढना । हमने मॉल रोड पर ही होटल ढूंढना शुरू किया ।



 नैनीताल का मल्ल भाग यानी ऊपरी हिस्सा मल्लीताल और तल भाग यानी निचला भाग तल्लीताल कहलाता है । मल्लीताल में एक मैदान है और यहां पर बच्चे खेलते रहते है । यही पर एक स्केटिंग रिंग भी है । इस मैदान पर शाम व रात को सैलानी काफी संख्या में घूमते है ।यही पर तिब्बती मार्केट में गर्म कपड़े भी मिलते है । यहीं पर नैना देवी मंदिर भी है ।जिनके नाम पर इस शहर का नाम नैनीताल पड़ा ।

मल्लीताल से तल्लीताल को जोड़ने वाली सड़क को माल रोड कहते है । इसकी लंबाई लगभग डेढ़ कि0 मी0 है  सैर-सपाटे के लिए यहां आने वाले सैलानी पैदल ही इस दूरी को शॉपिंग करते हुए तय कर लेते हैं. 

 मॉल रोड पर गाड़ी ले जाने की मनाही नहीं थी । लेकिन आप वहाँ गाड़ी पार्क नहीं कर सकते है । हम गाड़ी मॉल रोड पर ले गए । परिवार वालों को गाड़ी में बैठे रहने दिया । मै और मनीष होटल देखने चले गए । 3 - 4 होटल देखे पर बात नहीं बनी । फिर गाड़ी थोड़ा आगे बढ़ाई । और होटल देखे । मैंने महसूस किया कि वहाँ होटल वाले ज्यादा मोलभाव नहीं करते । सबके रेट कार्ड बने हुए है । ज्यादा से ज्यादा उस रेट कार्ड पर 10 -15 % डिस्काउंट दे देते है । भीड़ ज्यादा नहीं थी । लेकिन मोलभाव भी ज्यादा नहीं था । थोड़ा आगे बढे , एक होटल पसंद आ गया । यह तल्लीताल में था ।
 उसमे दो रूम बुक कर लिए । होटल वाले से एक रूम में एक एक्सट्रा बेड की बात कर ली । जिसके लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना था । होटल काफी बड़ा था , नीचे मॉल रोड से लेकर ऊपर एक दूसरी सड़क तक फैला हुआ था । ऊपर दूसरी सड़क पर होटल के उपर ही गाड़ी के लिए पार्किंग थी जिसका रास्ता मॉल रोड से थोड़ा आगे से घूम कर जाता था । हमने परिवार को होटल के रूम में छोड़ा और होटल का आदमी ले कर गाड़ी पार्क करने चले गए । गाड़ी पार्क करके ऊपर पार्किंग से ही सीढ़ियों से नीचे आ गए । इन सब कामो में 5 बज चुके थे । अब रूम में जा कर फ्रेश हुए और कुछ देर आराम किया । दो घंटे बाद हम माल रोड घूमने निकल गए । यहाँ मोम के फेंसी केंडल और बेहतरीन गिफ्ट आइटम मिलते हैं । लेडिज शॉपिंग मे लग गई । इतनी देर में हमने लोकल लोगो से बढ़िया वेजिटेरिअन खाने के रेस्टोरेंट के बारे में पता कर लिया । जो मल्लीताल में था । जब लेडिज शॉपिंग करके आई तो सबसे पहले हमने रेस्टोरेंट का रुख किया । खाना बहुत बढ़िया था । मुझे आज भी याद है हमने उसके यहाँ कश्मीरी दम आलू , तंदूरी रोटी , नान खाई थी । हम दस बजे तक माल रोड पर घूमते रहे । जब मार्किट बंद होने लगा तो वापस होटल आ कर सो गए ।